Monday, February 15, 2010

गूगल देव को प्रणाम

तैंतीस हज़ार करोड़ देवी देवताओं की जमात में जल्दी ही एक नाम और जुड़ने वाला है. भगवान गूगल का.

भगवान गूगल की महिमा अपरंपार है. वो सर्वज्ञानी हैं. सभी समस्याओं के बारे में जानते हैं और उनके पास समाधान भी है.

जिन मामलों में आम देवता कुछ नहीं कर सकते गूगल उनमें भी मदद कर सकते हैं.

पढ़ाई करनी हो, शादी करनी हो, दुःख प्रकट करना हो, खुशी प्रकट करनी हो, सब में गूगल महाराज की मदद ली जा सकती है.

उनके दस हाथ या दस सर नहीं हैं बल्कि लाखों हाथ और सर हैं जिन्हें वेबपेज कहा जाता है.

कुछ भी जानना हो तो गूगल देव को याद कीजिए. मात्र स्मरण भर से पुण्य मिलता है और सवाल पूछते ही जवाब मिल जाता है.

बड़े फ़ायदे हैं गूगल के तभी वो देवताओं की श्रेणी में शामिल होने ही वाले हैं. अगर नहीं मानते हैं तो याद कीजिए आखिरी बार किसी सवाल के जवाब के लिए आपने कौन सी किताब उठाई थी?

या फिर किसी दोस्त से किसी तथ्य की प्रमाणिकता के लिए आपने कब किसी अख़बार का हवाला दिया था?

कोई तथ्य प्रमाणिक न लगे तो सीधे गूगल महाराज की शरण में जाना आपको ज़रुर याद आएगा.

हां ये बात और है कि गूगल महाराज आपको संपादित सामग्री नहीं देते. वो दुनिया भर की सारी जानकारी आपको दे देते हैं. उसमें सही और ग़लत क्या है ये आपको ही तय करना है.

गूगल देव का सबसे बड़ा वरदान पत्रकारों को मिला है. उनकी भूमिका जर्नलिज़्म में इतनी बड़ी है कि कई लोग अब जर्नलिज़्म की बजाय गूगलिज़्म करते हैं और उनके लिखे ( या चुराए?) गए लेख काफ़ी पसंद भी किए जाते हैं.

हां गूगल देव के किसी दूसरे भक्त ने देवता की मदद से ये चोरी पकड़ ली तो बात और है.

गूगल की महिमा बताने वाली एक किताब है, 'व्हाट वुड गूगल डू' यानी गूगल क्या करता.

ये किताब गूगल देव की असीम लोकप्रियता और सफलता के बारे में बताते हुए सलाह देता है कि आज के युग में कुछ भी करना हो तो ये ध्यान करें कि अगर गूगल देव आपकी स्थिति में होते तो क्या करते? बस उस कार्य में सफलता आपके क़दम चूम सकती है. पुस्तक के बारे में और जानकारी के लिए गूगल पर पुस्तक का नाम टाइप कर सकते हैं.

लेकिन गूगल देव आप पर कितने मेहरबान हैं इसके भी उपाय हैं यानी देवता को क्या भेंट करना है तो देवता प्रसन्न हों ये भी जानना ज़रुरी है.

मसलन अगर आप चाहते हैं कि सर्च में आपकी सामग्री सबसे ऊपर दिखे तो उसके भी तरीके हैं जिसकी जानकारी या कंसल्टेंसी के लिए गूगल देव के पुजारी अच्छी ख़ासी दक्षिणा लेते हैं.

प्रभु को खुश करने के लिए दक्षिणा तो देनी पड़ती ही है.

वैसे इंटरनेट रुपी ब्रहांड में और भी देवता हैं जो गूगल देव से बराबरी करना चाहते हैं मसलन याहू देव, एओएल देव इत्यादि लेकिन गूगल का स्थान गणेश जी की तरह है. सबसे पहला.

इंटरनेट के ब्रहांड में सबसे पहले गूगल की पूजा होती है.

अब अक्सर जब लोगों को अपनी लोकप्रियता की चिंता होने लगती है या यह सवाल सताने लगता है कि दुनिया में लोग उन्हें जानते भी हैं या नहीं, तो वे फिर गूगल की ही शरण में जाते हैं.

सर्च में जाकर अपना नाम डालिए और गूगल बता देगा कि इंटरनेट की दुनिया में आपकी पहचान कितनी बड़ी है.

ऐसे गूगल देव को शत-शत प्रणाम, जिनके बिना जीवन मुश्किल ही नहीं असंभव सा लगने लगा है.


सुशील झा
बी बी सी हिंदी

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